अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा के प्राचार्य डॉ. अनिल सिंह यादव लगातार 5वीं बार शामिल।

अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा के प्राचार्य डॉ. अनिल सिंह यादव लगातार 5वीं बार शामिल।

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संवाददाता: रितिक राज वर्मा

शेखपुरा। अमेरिका के कैलिफोर्निया में स्थित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची जारी की गई है। इस सूची में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा के प्राचार्य डॉ. अनिल सिंह यादव का नाम लगातार पांचवीं बार शामिल हुआ है। वर्ष 2026 की दीर्घकालिक शोध प्रभाव सूची में भारत के केवल 3,898 वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है।

प्राचार्य डॉ. अनिल सिंह यादव की फाइल फोटो
प्राचार्य डॉ. अनिल सिंह यादव की फाइल फोटो

मानकीकृत उद्धरण सूचकांकों के आधार पर दुनिया भर के वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव और उनके वैज्ञानिक योगदान का निष्पक्ष आकलन करने वाली इस अंतरराष्ट्रीय सूची में वे इससे पहले वर्ष 2022, 2023, 2024 और 2025 में भी सफलतापूर्वक अपना स्थान बना चुके हैं। नवीनतम सूची में स्थान मिलने के साथ ही उन्होंने वर्ष 2022 से वर्ष 2026 तक लगातार पांच वर्षों तक इस वैश्विक सूची में अपनी निरंतर और ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज कराई है।दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की यह सूची अंतरराष्ट्रीय शोध प्रकाशक एल्सेवियर के डेटा रिपॉजिटरी पर प्रकाशित है और इसमें विश्वभर के वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव का मूल्यांकन शोध-पत्रों को प्राप्त उद्धरणों, एच-इंडेक्स तथा अन्य मानकीकृत वैज्ञानिक सूचकांकों के आधार पर किया जाता है। इस डेटाबेस में वैज्ञानिकों के शोध प्रभाव का मूल्यांकन उनके प्रकाशित शोध-पत्रों की संख्या, शोध-पत्रों को प्राप्त कुल उद्धरणों, एच-इंडेक्स, एचएम-इंडेक्स, सह-लेखन, विभिन्न लेखक-स्थितियों में योगदान तथा संयुक्त सूचकांक यानी सी-स्कोर (कंपोजिट स्कोर) जैसे कड़े और मानकीकृत वैज्ञानिक सूचकांकों को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसके तहत दुनिया भर के वैज्ञानिकों को 22 प्रमुख वैज्ञानिक क्षेत्रों तथा 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत कर संबंधित उप-क्षेत्र में उनकी विशिष्ट स्थिति का मूल्यांकन किया जाता है।

07 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित स्कोपस शोध आंकड़ों पर आधारित इस नवीनतम डेटाबेस में डॉ. अनिल सिंह यादव ने वैज्ञानिक प्रभाव की दोनों प्रमुख श्रेणियों—दीर्घकालिक प्रभाव और एकल-वर्षीय प्रभाव—में स्थान बनाया है। दीर्घकालिक प्रभाव के आंकड़े वर्ष 2025 के अंत तक के शोध प्रभाव पर आधारित हैं। उल्लेखनीय है कि इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में भारत के आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम सहित विभिन्न प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक शामिल हैं। इनमें डॉ. अनिल सिंह यादव का स्थान पाना उनके शोध योगदान और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक प्रभाव को दर्शाता है।राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, शेखपुरा के प्राचार्य डॉ. अनिल सिंह यादव का लगातार पांचवीं बार विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की वैश्विक सूची में शामिल होना संस्थान के शैक्षणिक एवं अनुसंधान क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। वर्तमान में महाविद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे डॉ. यादव का प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र नवीकरणीय ऊर्जा एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग है। उनके शोध कार्य ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता तथा टिकाऊ प्रौद्योगिकी से जुड़े विभिन्न विषयों पर केंद्रित रहे हैं। उनके अनेक शोध-पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं तथा उनके शोध कार्यों को देश-विदेश के शोधकर्ताओं द्वारा उद्धृत किया गया है। डॉ. यादव की यह उपलब्धि इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों के लिए अनुसंधान, नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले अकादमिक कार्य की दिशा में आगे बढ़ने का एक उदाहरण प्रस्तुत करती है।

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