विद्यार्थी सहयोग शिविर में छात्रों ने उठाई वाई-फाई, पुस्तकालय और एनसीसी सुविधा की मांग।

विद्यार्थी सहयोग शिविर में छात्रों ने उठाई वाई-फाई, पुस्तकालय और एनसीसी सुविधा की मांग।

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संवाददाता: रितिक राज वर्मा 

खुशरूपुर। राजकीय डिग्री महाविद्यालय, खशरूपुर, पटना में मंगलवार को प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) चित्रलेखा की अध्यक्षता में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत समस्याओं को सुनना और उनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल करना था।कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. पूजा कुमारी के प्रारंभिक उद्बोधन से हुई। संचालन करते हुए डॉ. अभिषेक उपाध्याय ने विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं एवं सुझाव रखने के लिए आमंत्रित किया।

छात्र-छात्राओं द्वारा महाविद्यालय में बेहतर शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए वाई-फाई सुविधा, समुचित पुस्तकालय, लैपटॉप/कंप्यूटर, डिजिटल अध्ययन सामग्री तथा अन्य आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की अपेक्षा व्यक्त की गई है, ताकि उन्हें अध्ययन एवं अकादमिक गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएँ प्राप्त हो सकें।

इस दौरान अर्थशास्त्र के छात्र जितेंद्र कुमार ने अपने पिता की स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण उत्पन्न पारिवारिक एवं व्यक्तिगत कठिनाइयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन परिस्थितियों का प्रभाव उनकी पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। अर्थशास्त्र के छात्र कुमार कार्तिकेय ने विद्यार्थियों के लिए पहचान-पत्र उपलब्ध कराने की मांग रखी।

राजनीति विज्ञान के विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में बेहतर अध्ययन वातावरण और पुस्तकालय सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि नियमित अध्ययन के साथ वे रेलवे सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी करते हैं। इसके अलावा महाविद्यालय परिसर में वाई-फाई सुविधा, लैपटॉप एवं अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।

राजनीति विज्ञान के छात्र जीत कुमार ने खेलकूद की बेहतर व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए एनसीसी सुविधा शुरू करने का सुझाव दिया। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय में यूनिफॉर्म व्यवस्था लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्राचार्या प्रोफेसर (डॉ.) चित्रलेखा ने विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी महाविद्यालय की सबसे महत्वपूर्ण धुरी हैं और उनकी समस्याओं को सुनना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उपलब्ध संसाधनों और नियमानुसार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. दुर्गेश कुमार दीक्षित ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनना और उनके समाधान की दिशा में आगे बढ़ना महाविद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने विद्यार्थियों के सुझावों को संबंधित स्तर पर रखने और संभावित समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करने का आश्वासन दिया।

शिविर में डॉ. रूपेश रंजन, डॉ. रिज़वान, प्रभात कुमार कर्ण, डॉ. सीमा मौर्य, डॉ. शशि रंजन, डॉ. मोलगवल्लि राजेष, डॉ. पूर्विता दास, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. मनीष प्रभाकर सिंह और डॉ. अजीत कुमार वर्मा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। अंत में डॉ. दुर्गेश कुमार दीक्षित ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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