सीपीआई के प्रांतीय कॉमरेड शिवकुमार श्रीवास्तव उर्फ नेताजी का 80 वर्ष की उम्र में निधन

नेताजी के नाम से प्रसिद्ध श्री श्रीवास्तव ने समाजिक हित में कई उल्लेखनीय कार्य किया,

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Aditya Mishra:
तुरकौलिया, पूर्वी चंपारण

सीपीआई के प्रांतीय नेता और लोकहितैसी समाजिक कार्यकर्ता शिवकुमार श्रीवास्तव का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वे पक्षाघात से ग्रसित थे और महिने भर से बिस्तर पर ही थे. श्रीवास्तव ने अपनी अन्तिम सांस तुरकौलिया मध्य पंचायत स्थित अपने पैतृक गांव जगीराहाॅ में ली.

ऐसा रहा सफर

उच्चमध्यम परिवार में जन्मे शिकुमार बाबू को शुरुआती दिनों में फिल्मों में बड़ी दिलचस्पी थी. इसलिए 1975 में बनी फ़िल्म महुआ में काम भी किया. लेकिन इकलौते संतान पर माता-पिता का मोह सिनेमा पर भारी पड़ा और शिवकुमार बाबू वापस घर आ गए. घारवापसी के उपरांत गरीबों और जरूरतमंदों की समस्याओं ने राजनीति के लिए प्रेरित किया. इसलिए इन्होंने सीपीआई से राजनीति के क्षेत्र अपना कदम बढ़ाया. जहां पार्टी के माध्यम से अंचल कमिटी व जिला कमिटी होते हुए प्रदेश कमिटी तक सीपीआई के संगठन में बेहतर कार्य किए.

राजनीति में रहे लेकिन कुर्सी का लालच नहीं

राजनीति के शुरुआती दिनों में सीपीआई के प्रदेश स्तरीय कामरेड सह विधायक स्व० पीताम्बर बाबू के दिशानिर्देशों में कार्य किया. जब स्वयं का कद पार्टी में बढ़ा तो अपने कुशल नेतृत्व में स्व० कमला मिश्र मधुकर जी को तीन बार एमपी एव त्रिवेणी तिवारी को तीन बार विधायक बनने में अपना अहम योगदान दिया।

सरकारी विद्यालय के लिए दान किया निजी जमीन

राजनीतिक में आने के बाद इन्होंने शिक्षा सुधार हेतु विद्यालय निर्माण में निजी जमीन दान की। इसके साथ ही क्षेत्र के सैकड़ों लोगों को उनके बुरे दिनों में आर्थिक और मनोविज्ञानिक मदद किया।

श्री श्रीवास्तव अपने पीछे ज्येस्ट पुत्र रमेश कुमार श्रीवास्तव सहित चार अन्य पुत्रों, दर्जन भर नाती-नतनी, पौत्र-पौत्री भरा परिवार छोड़ गए।

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