एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन: टिकट की दौड़ में तेज हुई हलचल
मंच पर पूर्व विधायक का कब्जा चर्चा का विषय बना।
संवाददाता रितिक राज वर्मा
बख्तियारपुर। टेकाबीघा फोरलेन के पास एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में पूर्व विधायक का मंच पर कब्जा चर्चा का विषय बना रहा, जिससे कई भाजपा के बड़े और जमीनी कार्यकर्ताओं को मंच से दूर ही रहना पड़ा।

सम्मेलन में दिखी राजनीतिक गहमा-गहमी के बीच टिकट की दौड़ तेज होती नजर आई और भाजपा तथा अन्य सहयोगी दलों के नेताओं में टिकट के दावेदारों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।
भाजपा से श्रवण यादव, ललन सिंह, संजय यडवेन्दु, गौतम उर्फ पुटुस यादव, कुणाल मुखिया, संतोष यादव, और अबधेश यादव टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
वहीं जदयू के तरफ से नीतीश कुमार के पुराने समर्थक, बख्तियारपुर के कर्पूरी राम कुमार यादव भी टिकट के जुगाड़ में सक्रिय हैं।
लोजपा नेता जितेंद्र यादव पूर्व विधायक रणविजय सिंह उर्फ लल्लू मुखिया को मात देने और उनकी टिकट काटने की भरसक कोशिश कर रहे हैं।

मंच संचालन और नेताओं के बीच गुटबाजी, सम्मेलन में मंच पर पूर्व विधायक का कब्जा होने से असंतोष देखने को मिला, कई पुराने जमीनी कार्यकर्ता दूर रहे और नेताओं के बीच गुटबाजी की चर्चा तेज रही।
भाजपा ही नहीं, सहयोगी दलों के नेताओं ने भी अपनी-अपनी दावेदारी को ज़ोर-शोर से रखा। मुख्य मंच पर सांसद रवि शंकर प्रसाद, विधान पार्षद नीरज कुमार, विधायक श्रेयसी सिंह समेत दर्जनों प्रदेश के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती और आगामी चुनावी रणनीति पर दिशा-निर्देश दिए।

सम्मेलन के दौरान क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई और पार्टी के भीतर टिकट वितरण को लेकर गतिविधियां तेज नजर आईं। सम्मेलन ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए के भीतर सक्रियता और जमीनी कार्यकर्ताओं के महत्व को दिखाया।

टिकट के दावेदारों में जहां जोश दिखा वहीं मंच संचालन को लेकर असंतोष भी नजर आया, जिससे अंदरखाने जोड़-तोड़ की राजनीति तेज हो गई हैं। एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन ने टिकट दावेदारों की अंदरूनी राजनीति और संगठन में सक्रिय नेताओं की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है।
मंच पर कब्जा और गुटबाजी के बीच आगामी चुनाव के लिए रणनीति और कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम साबित हो रही है।