सर्वेक्षण कर्मियों का अनशन जारी, वार्ता से बच रही है सरकार – संघ का बड़ा आरोप।

सर्वेक्षण कर्मियों का अनशन जारी, वार्ता से बच रही है सरकार – संघ का बड़ा आरोप।

संवाददाता रितिक राज वर्मा

पटना। राज्य के विशेष सर्वेक्षण कर्मियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संघ ने सरकार और विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कर्मियों की जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा और आंदोलनकारियों से वार्ता करने से अधिकारी लगातार बच रहे हैं।

संघ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संगठन हमेशा अपने सभी सदस्यों के अधिकार, सम्मान और सेवा-सुरक्षा की रक्षा हेतु प्रतिबद्ध रहा है और हर परिस्थिति में मजबूती से अपने साथियों के साथ खड़ा है। इसी एकजुटता और हौसले की ताकत से आज यह आंदोलन कठिन समय में भी मजबूत बना हुआ है।

संघ ने बताया कि 28 अगस्त 2025 से उनके 12 साथी विशेष सर्वेक्षण कर्मी आमरण अनशन पर बैठे हैं। इनमें से 6 की हालत बिगड़ जाने के बाद उन्हें पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है और वे अब भी अस्पताल में इलाजरत हैं। इसके बावजूद अब तक विभागीय स्तर पर ठोस पहल नहीं की गई। संघ ने बिहार सरकार और विभाग पर जनता को गुमराह करने का भी आरोप लगाया।

संघ ने कहा कि विभाग केवल बहाने और बयानबाजी कर रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि उन्होंने कई बार वार्ता का प्रयास किया, परंतु हर बार उन्हें नकार दिया गया। संघ ने विभागीय अपर मुख्य सचिव के उस बयान का भी कड़ा खंडन किया जिसमें कहा गया था कि “संघ वार्ता की पहल नहीं कर रहा।” संघ ने कहा कि वास्तविकता ठीक इसके उलट है।

संघ ने अपने बयान में उन सभी प्रयासों का विवरण दिया जिनमें उन्होंने विभाग के आला अधिकारियों और मंत्रियों से संवाद स्थापित करने की कोशिश की:

06 अगस्त 2025 को अपर मुख्य सचिव व अन्य अधिकारियों के समक्ष समस्याएं रखी गईं। 11 अगस्त को सचिव, मंत्री और मुख्य सचिव से मिलने प्रतिनिधि मंडल गया, लेकिन सभी ने मिलने से इनकार किया। जमुई, बांका और सिवान जिलों के पदाधिकारी लगातार विभागीय अधिकारियों से मिले, पर केवल टाल-मटोल की गई।

14 अगस्त को अपर मुख्य सचिव ने प्रतिनिधियों से मिलकर केवल फोटो खिंचवाया, पर कोई सहानुभूति नहीं दिखाई गई। धरना-सत्याग्रह के दौरान ईमेल के माध्यम से भी वार्ता की अपील की गई, मगर कोई जवाब नहीं मिला। संघ ने साफ कहा है कि इस बार कर्मी किसी भी परिस्थिति में अपनी मांगे पूरी हुए बिना काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

संघ की प्रमुख मांगों में शामिल है:

¹बर्खास्त कर्मियों की सेवा बहाल की जाए, ²सभी जायज मांगों पर सहमति बनाई जाए, ³आंदोलनकारियों से सरकार तुरंत वार्ता करे। संघ ने मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्री से अपील की है कि वे शीघ्र हस्तक्षेप कर आंदोलन का समाधान निकालें। संघ ने सभी सर्वेक्षण कर्मियों से अपील की है कि वे संघ के दिशा-निर्देशों का पालन करें, किसी भी तरह की अफवाह या बहकावे में न आएं। संघ ने बर्खास्त कर्मियों से वादा किया कि उनकी वापसी संगठन करवाएगा।

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