पटना के ऐतिहासिक मंदिर में घोटाला: 13 साल से चल रहा वित्तीय अनियमितता, अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
पटना के ऐतिहासिक मंदिर में घोटाला: 13 साल से चल रहा वित्तीय अनियमितता, अध्यक्ष पर गंभीर आरोप
पटना जिले के खुसरूपुर स्थित ऐतिहासिक ‘श्री गौरीशंकर बैकुंठनाथ धाम’ की प्रबंध समिति में भारी अनियमितताएं व्याप्त हैं। मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष श्री रणवीर नंदन जी पिछले 13 वर्षो के कार्यकाल के दौरान मंदिर के प्रबंधन और कोष में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
इस संबंध में मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:-
(1) बैठकों में अनुपस्थिति:- अध्यक्ष द्वारा न्यास की नियमित बैठकों में भाग नहीं लिया गया, जिससे मंदिर के महत्वपूर्ण निर्णय प्रभावित हुए।
(2) आय-व्यय में पारदर्शिता का अभाव:- बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम की अनिवार्य शर्तों के बावजूद, मंदिर की आय और व्यय का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा (Audit) सार्वजनिक नहीं किया गया और न ही बोर्ड को उचित रिपोर्ट दी गई। फर्जी दस्तावेज लगा कर आडिट किया गया। बिना पक्का बिल का भुगतान किया गया। सामानों की खरीदारी भी कच्चा बिल पर कमीशन लेकर मनमाने दामो मे की गई। मंदिर के आय को मंदिर के खातो मे नियमित रूप से जमा नही किया गया। उस पैसे का निजी उपयोग किया गया।
(3) वित्तीय घोटाला: – मंदिर के दान और संपत्तियों से प्राप्त आय में बड़े पैमाने पर वित्तीय गबन और घोटाले की आशंका है, जिसमें प्रबंधन की मौन सहमति प्रतीत होती है। मंदिर मे रसीद जो विभिन्न पुजा पाठ, के लिए काटा जाता है उसकी कोई प्रमाणित पंजी नही है।
(4) श्रद्धालुओं की असुविधा: मंदिर परिसर में सफाई, सुरक्षा और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं का पूर्णतः अभाव रहा है, जिससे भक्तों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में मंदिर के दो पुराने भवन जर्जर की हालत में है। कभी भी भड भडा कर गिर सकता है और बड़ी दुर्घटनाए हो सकती है।
(5) पिछले 13 वर्ष मे मात्र 2 धार्मिक आयोजन मंदिर मे किया गया।
(6) मंदिर के मरम्मत एवं रंग-रोगन, भवन निर्माण, मंदिर सजावट का कोई टेन्डर आज तक नही हुआ और न ही कोटेशन मांगा गया बल्कि कमीशन लेकर अपने चहेते लोग को कार्य दे दिया गया।
(7) मंदिर मे श्रर्घालुओ की सुरक्षा मात्र एक चौकीदार के भरोसे पिछले 13 वर्षो से है। बहुत बार मंदिर के दान-पात्र की चोरी भी हुई लेकिन कोई सुधार नही हुई।
(8) मंदिर के रास्ते मे गाय, भैंस आदी जानवर बाधा रहता है इस पर अध्यक्ष महोदय कोई कार्रवाई नही किए।
(9) नियम का उल्लंघन करते हुए बार बार कमिटि के कार्यकाल का समय बढाते गये।
(10) मै शिकायत के लिए सैकड़ो आवेदन बिहार राज्य धार्मिक न्यास वोर्ड, सी एक कार्यकाल, डी एम कार्यालय, एस डी ओ कार्यालय दिए, धरना-प्रदर्शन के माध्यम से आवाज उठाए लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नही हुई।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
इस मामले की जांच हेतु एक उच्च स्तरीय जाँच टीम गठित की जाए जो पिछले 13 वर्षो के वित्तीय रिकॉर्ड, आय-व्यय, दान-पात्र का राशि आदी का फॉरेंसिक जांच हो।
दोषी पाए जाने वाले पदाधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और मंदिर के कोष की रिकवरी की जाए।
मंदिर के सुचारू संचालन के लिए एक पारदर्शी और स्थानीय सक्रिय सदस्यों वाली नई समिति का गठन सुनिश्चित किया जाए।
बिहार की धार्मिक विरासत को बचाने हेतु आपकी त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा है।
भवदीय,
अशोक कुमार उर्फ अशोक सर
समाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ता
बैकठपुर, खुसरुपुर, पटना
मो-9204627268
ईमेल- ashoksirdaffodils@gmail.com
दिनांक: 21 जनवरी 2026