बख्तियारपुर में अरुण कुमार साह की जोरदार जीत, भाजपा के अजय कुमार ने पहले ही जताया था 2000 वोटों से विजय का दावा।

बख्तियारपुर में अरुण कुमार साह की जोरदार जीत, भाजपा के अजय कुमार ने पहले ही जताया था 2000 वोटों से विजय का दावा।

संवाददाता रितिक राज वर्मा

खुसरूपुर। बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में एल.जे.पी.(रामविलास) के प्रत्याशी अरुण कुमार साह ने शानदार जीत हासिल की। चुनावी परिणामों के आने से पहले ही खुसरूपुर के भाजपा कार्यकर्ता, नगर मंत्री और बूथ अध्यक्ष अजय कुमार ने यह दावा किया था कि बिहार में एनडीए की सरकार कुल 200 सीट से विजय प्राप्त करेगी और बख्तियारपुर विधानसभा में अरुण कुमार साह 2000 वोटों से विजय होंगे। यह दावा पूरी तरह से सटीक और सत्य साबित हुआ, जब अरुण कुमार साह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आरजेडी के अनिरुद्ध कुमार को करीब 981 वोटों से हराया।

नगर मंत्री सह बूथ अध्यक्ष अजय कुमार

अजय कुमार नगर मंत्री और बूथ अध्यक्ष ने चुनाव से पहले स्थानीय माहौल और वोटर क्षमता को ध्यान में रखते हुए कहा था कि अरुण कुमार साह की जीत निश्चित है।

अजय कुमार ने गतिविधियों को देखते हुए बताया था कि अरुण साह की मजबूत स्थानीय पैठ, संगठन क्षमता और एनडीए के व्यापक समर्थन के कारण यह जीत संभव होने वाली है। अजय कुमार का यह दावा न केवल उनके बूथ की स्थिति को दर्शाता है, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी व एनडीए के समर्थक जनाधार को भी उजागर करता है। अरुण कुमार साह की जीत में स्थानीय कनेक्ट ने अहम भूमिका निभाई। जनता के बीच उनकी पहुंच और लोकप्रियता बनी हुई है। साथ ही, युवा वोटरों के बीच उनकी पकड़ मजबूत रही, जो इस चुनाव में निर्णायक साबित हुई।

नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की संयुक्त चुनाव मशीनरी ने क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावी ढंग से काम किया, जिससे वोटरों में विकास और स्थिरता का भरोसा बना। बख्तियारपुर सीट का चुनावी इतिहास भी बताता है कि यहां प्रति द्वंद्विता मुख्य रूप से आरजेडी और बीजेपी के बीच रही है, पर इस बार लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी मजबूत प्रभाव साबित किया।

जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय मुद्दों में अरुण कुमार साह की सशक्त पैठ ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया है। हालांकि इस जीत से स्पष्ट होता है कि बख्तियारपुर में स्थानीय कनेक्शन, संगठन की मजबूती और प्रभावी राजनीतिक गठबंधन ने मिलकर निर्णायक भूमिका निभाई है।

अजय कुमार साह के बूथ स्‍तर के सटीक दावे और चुनावी माहौल की समझ ने अरुण कुमार साह की जीत को यथार्थ का रूप दिया है, जो क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में दर्ज होगी।

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