मिथिला के लाल छात्र नेता दिलीप कुमार को डोमिसाइल के सफलता के बाद सम्मान, बहादुरपुर से चुनाव लड़ने की चर्चाएं तेज़ !
डोमिसाइल आंदोलन के सफल नेतृत्व के बाद छात्र नेता दिलीप कुमार को सम्मान, बहादुरपुर से चुनाव लड़ने की अटकलों ने दरभंगा और मिथिला में हलचल तेज़ कर दी।
दरभंगा: बिहार में प्रतियोगिता परीक्षाओं में लगातार हो रहे प्रश्नपत्र लीक और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ मुखर आवाज़ बनकर उभरे छात्र नेता दिलीप कुमार को मिथिला और दरभंगा के लोगों ने विशेष सम्मान से नवाज़ा।
सम्मान समारोह में दरभंगा सिविल कोर्ट के सीनियर वकील अजीत कुमार मिश्र जो किशोर न्याय बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं उन्होंने मिथिला की परंपरा अनुसार पाग, चादर, दरभंगा महोत्सव का मेडल, डायरी और कलम भेंट कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्हें एक प्रेरणादायक पुस्तक “रुकिए नहीं, काम करते रहिए” भी दी गई।

डोमिसाइल आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
बेरोजगार युवाओं के हित में हुए सफल “डोमिसाइल आंदोलन” में दिलीप कुमार की भूमिका को लेकर पूरे मिथिला में उनकी सराहना हो रही है। इस आंदोलन ने न केवल बिहार के युवाओं में जागरूकता बढ़ाई बल्कि राज्य सरकार को भी नीति सुधार पर मजबूर किया।

समारोह में उठी भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज़
कार्यक्रम में सामाजिक विषमता, सरकारी भ्रष्टाचार और लोकतंत्र की मजबूती के लिए सामूहिक जिम्मेदारी के महत्व पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा समय में युवाओं, खासकर छात्रों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
इस मौके पर मिथिला पार्टी के युवा नेता अभिषेक कुमार झा, मिथिला प्रेमी पुरुषोत्तम वत्स, संघर्षशील कार्यकर्ता रणबीर कुमार चौधरी अमीन साहेब, तथा खादी ग्रामोद्योग संघ के अध्यक्ष भगवती प्रसाद झा मंत्री सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बहादुरपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज़
सूत्रों के अनुसार, दिलीप कुमार इन दिनों अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से जनसंपर्क कर रहे हैं और वहाँ के बुद्धिजीवी व युवा लोग चाहते हैं कि वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं। उनके दरभंगा के बहादुरपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरने की संभावना पर चर्चाएं तेज़ हैं, हालांकि इस पर दिलीप कुमार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।