हरित सफ़र सिटी फोरम के नेतृत्त्व में एक दिवसीय कार्यशाला में मधुबनी कला के माध्यम से शहरी परिवहन के विषय को उजागर किया

कला के माध्यम से शहरी परिवहन को स्वच्छ व समावेशी बनाने की मांग रखी गयी।

संवाददाता रितिक राज वर्मा

पटना। दिनांक 17 जून 2025, को क्लाइमेट एजेंडा द्वारा संचालित हरित सफ़र अभियान और हस्त संस्कृति संस्था के संयुक्त संयोजन से एक दिवसीय बेहतर शहरी परिवहन के सवाल पर मधुबनी कला पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। ज्ञात हो कि क्लाइमेट एजेंडा द्वारा हरित सफ़र अभियान का संचालन बिहार और उत्तर प्रदेश में शहरी परिवहन को स्वच्छ और समावेशी बनाने के लिए किया जा रहा है जिसमे शहर में सार्वजनिक यातायात के बतौर इलेक्ट्रिक बस, बस स्टॉप्स, साइकिल ट्रैक एवं पैदल पथ का निर्माण, सड़कों अपर हरित बेल्ट, वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सख्त कानून एवं उसका अनुपालन, बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था इत्यादि के साथ साथ परिवहन व्यवस्था का जेंडर फ्रेंडली, दिव्यांगजन फ्रेंडली और हाशिये पर रह रहे समुदाय के अनुकूल बनाया जाए।

आज के कार्यक्रम में बेहतर परिवहन के सवाल को बिहार की पहचान मधुबनी कला के माध्यम से उजागर करने का प्रयास किया गया है। इस कार्यक्रम तैयार पोस्टर्स को शहरी विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार को साझा किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रतिभागियों ने अपनी कला इलेक्ट्रिक बस के संचालन की उपयोगिता और ज़रूरत, महिलाओं और दिव्यांग जन के ज़रूरत के हिसाब से बस स्टॉप्स की व्यवस्था और नॉन मोटोराइज्ड ट्रांसपोर्ट को प्रोत्साहन देते हुए रंगीन पोस्टर्स पर अपने विचार प्रदर्शित किये।

इस कार्यशाला में ममता भारती ने प्रशिक्षण दिया तथा कुछ प्रोफेशनल आर्टिस्ट, यूथ एवं द क्लाइमेट एजेंडा से नेहा प्रवीण ने कार्यक्रम को सहयोग किया. इसके अलावा अलग-अलग सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के सदस्यों ने भाग लिया, जिसमें मनोज कुमार, सोनिया सिंह, भारत कौशिक, एवं बी डी इवनिंग कॉलेज से मोहम्मद सुहैल, राजकीय उच्च विद्यालय से समा महिला कॉलेज से मुस्कान, कोमल एवं कई साथी ने भाग लिया और सभी साथियों ने अपने विचारों को पेंटिंग के माध्यम से प्रस्तुत किया।

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